Home Kabir ke Shabd भजन राग देश ८१ – हमका ओढ़ावे चदरिया चलती बिरिया,

भजन राग देश ८१ – हमका ओढ़ावे चदरिया चलती बिरिया,

0 second read
0
0
173

 भजन राग देश ८१

हमका ओढ़ावे चदरिया चलती बिरिया,
उलट गई दो
प्राण राम जब निकसन लागे।
नैन पुतरिया,
भीतर से जब बाहर लाये।
अटरिया।
चारि जना मिल खाट उठाइल।
छूट, गई महल
रोवत ले चले डगरिया ।
कहत कबीर सुनो भाई साधो।
चली वह सूखी लकड़िया।

Load More Related Articles
Load More By amitgupta
Load More In Kabir ke Shabd

Leave a Reply

Check Also

What is Account Master & How to Create Modify and Delete

What is Account Master & How to Create Modify and Delete Administration > Masters &…