Home Anmol Kahaniya ढपोल शंख

ढपोल शंख

0 second read
0
0
125

ढपोल शंख

एक गरीब ब्राह्मण गरीबी से परेशान होकर विदेश में धन पैदा करने की दृष्टि से गया। रास्ते में जब उसे भूख लगने लगी तो समुद्र के किनारे बैठकर भोजन करने लगा। वह दुखी मन से भोजन कर रहा था तो उसी समय समुद्र के देवता समुद्र से निकल कर प्रकट हुए और ब्राह्मण का हाल जानकर उन्होंने उसे एक शंख देकर कहा – फर्श को गोबर से लाप कर उस पर इस शंख को स्थापित कर इससे तुम जो याचना करोगे वह तुम्हें यह प्रदान करेगा। 
ब्राह्मण ने फर्श को गोबर से लीपकर धूप लगाकर शंख को स्थापित किया और उससे एक हजार रुपये मांगे। शंख ने उसे तुरन्त एक हजार रुपये प्रदान कर दिये। रास्ते में रात्रि में जब उन्हें रूपये की आवश्यकता पड़ी तो उसने शंख की पूजा कर उससे रुपये माँगे।
यह सभी दृश्य धर्मशाला का स्वामी भी देख रहा था। धर्मशाला क स्वामी ने उस शंख को चुरा लिया और दूसरा शंख रख दिया। जब ब्राह्मण देवता को रुपयों की आवश्यकता पड़ी तो शंख की पूजा करके उससे रुपये माँगे परन्तु शंख बदला जाने के कारण उसे रुपये नहीं मिले।
ब्राह्मणदेव समझ गये कि यह सब धर्मशाला के स्वामी का करा धरा है। उसने शंख बदल दिया है। ब्राह्मण देव दुखी हृदय से फिर से समुद्र के किनारे जाकर रोने लगा। समुद्र देवता समुद्र से निकलकर प्रकट होकर बोले – अब क्यों रो रहे हो? ब्राह्मणदेव ने सारा वृतान्त समुद्र के देवता को बता दिया। अबकी बार देवता ने दूसरा शंख दिया जिसका नाम ढपोल शंख था। यदि इस शंख से एक हजार रुपये मागे जाते तो बड़े जोर से वह कहता कि अरे भाई, दस हजार लो। परन्तु देता कुछ भी नहीं था।
वह ब्राह्मण देवता लौटकर उसी धर्मशाला में ठहरा और शंख से एक हजार रुपये माँगे। शंख ने बड़े जोर से कहा – दस हजार रुपये लो। धर्मशाला के स्वामी ने इस शंख को देखकर पहला वाला शंख ब्राह्मण के पास रखकर दूसरा शंख उठा लिया। जब उसने ढपोल शंख से रुपये माँगे तो वह दस गुने रुपयों का नाम तो लेने लगा, परन्तु दिया कुछ भी नहीं । धर्मशाला के स्वामी ने क्रोध में भरकर इसको तोड़ कर फेंक दिया।
Load More Related Articles
Load More By amitgupta
  • Images

    तृष्णा

    तृष्णा एक सन्यासी जंगल में कुटी बनाकर रहता था। उसकी कुटी में एक चूहा भी रहने लगा था। साधु …
  • Istock 152536106 1024x705

    मृग के पैर में चक्की

    मृग के पैर में चतकी  रात के समय एक राजा हाथी पर बैठकर एक गाँव के पास से निकलो। उस समय गांव…
  • Pearl 88

    मोती की खोज

    मोती की खोज एक दिन दरबार में बीरबल का अपानवायु ( पाद ) निकल गया। इस पर सभी दर्बारी हँसने ल…
Load More In Anmol Kahaniya

Leave a Reply

Check Also

How to Check BUSY Updates

How to Check BUSY Updates Company > Check BUSY Updates Check BUSY Updates option provid…