Home mix सोते सोते ही निकल गई सारी जिन्दगी – Hindi Kavita meaningful poem for everyone
mix

सोते सोते ही निकल गई सारी जिन्दगी – Hindi Kavita meaningful poem for everyone

2 second read
0
0
69
सोते सोते ही निकल गई सारी जिन्दगी

सोते सोते ही निकल गई सारी जिन्दगी
हाथोंहाथ तूं दुख खरीद के, सुख सारे ही खोता।

कर्ज़, फ़र्ज और मर्ज़ बहाने, जीवन बोझा ढोता।
ढोते ढोते ही निकल गई सारी जिन्दगी॥

जन्म लेते ही इस धरती पर, तुने रूदन मचाया।
आंख अभी तो खुल ना पाई, भूख भूख चिल्लाया॥
खाते खाते ही निकल गई सारी जिन्दगी॥

बचपन खोया खेल कूद में, योवन पा गुर्राया।
धर्म-कर्म का मर्म न जाने, विषय-भोग मन भाया।
भोगों भोगों में निकल गई सारी जिन्दगी॥

शाम पडे रोज रे बंदे, पाप-पंक नहीँ धोता।
चिंता जब असह्य बने तो, चद्दर तान के सोता।
सोते सोते ही निकल गई सारी जिन्दगी॥

धीरे धीरे आया बुढापा, डगमग डोले काया।
सब के सब रोगों ने देखो, डेरा खूब जमाया।
रोगों रोगों में निकल गई सारी जिन्दगी॥

Load More Related Articles
Load More By amitgupta
Load More In mix

Leave a Reply

Check Also

What is Account Master & How to Create Modify and Delete

What is Account Master & How to Create Modify and Delete Administration > Masters &…