Home Uncategorized कबीर भजन १६३

कबीर भजन १६३

0 second read
0
0
29
कबीर भजन १६३
तेरा बिगरी बात बन जाई,
हरिनाम जपा कर भाई। टेक
स्याही गई सफेद आई,
फेर क्या बनेगा भाई ।
राम नाम के बड़े आलसी,
तुम्हारी मति बौराई ।
दुनिया दौलत माल खजाना,
बधिया बैल ओ गाई ।

हम जानी माया संग चलेगी,
सबकी थहा रह जाई ।
भाई बन्धु कुटुम्ब कबीजा,
काम न आई ।
हम जानी काया संग चलेली,
हस अकेला जाई ।

सूआ पढ़ावल गनका तारी,

तर गई मीराबाई ।

कहत कबीर सुनो भाई साधो,
तिर गए सदन कसाई ।
Load More Related Articles
Load More By amitgupta
  • राग बिलाप-२७अब मैं भूली गुरु तोहार बतिया,डगर बताब मोहि दीजै न हो। टेकमानुष तन का पाय के रे…
  • शब्द-२६ जो लिखवे अधम को ज्ञान। टेकसाधु संगति कबहु के कीन्हा,दया धरम कबहू न कीन्हा,करजा काढ…
  • राग परजा-२५अब हम वह तो कुल उजियारी। टेकपांच पुत्र तो उदू के खाये, ननद खाइ गई चारी।पास परोस…
Load More In Uncategorized

Leave a Reply

Check Also

How to Check BUSY Updates

How to Check BUSY Updates Company > Check BUSY Updates Check BUSY Updates option provid…