Home Aakhir Kyon? आखिरी पड़ाव – Last Stop Educational Story

आखिरी पड़ाव – Last Stop Educational Story

4 second read
0
0
80

*आखिरी पड़ाव*

सुंदरबन इलाके में रहने वाले ग्रामीणों पर हर समय जंगली जानवरों का खतरा बना रहता था खासतौर पर जो युवक घने जंगलों में लकड़ियाँ चुनने जाते थे उन पर कभी भी बाघ हमला कर सकते थे यही वजह थी की वे सब पेड़ों पर तेजी से चढ़ने-उतरने का प्रशिक्षण लिया करते थे प्रशिक्षण,गाँव के ही एक बुजुर्ग दिया करते थे। जो अपने समय में इस कला के महारथी माने जाते थे आदरपूर्वक सब उन्हें बाबा-बाबा कह कर पुकारा करते थे बाबा कुछ महीनो से युवाओं के एक समूह को पेड़ों पर तेजी से चढ़ने-उतरने की बारीकियां सिखा रहे थे और आज उनके प्रशिक्षण का आखिरी दिन था बाबा बोले आज आपके प्रशिक्षण का आखिरी दिन है मैं चाहता हूँ आप सब एक -एक बार इस चिकने और लम्बे पेड़ पर तेजी से चढ़ उतर कर दिखाएँ सभी युवक अपना कौशल दिखाने के लिए तैयार हो गए

पहले युवक ने तेजी से पेड़ पर चढ़ना शुरू किया और देखते -देखते पेड़ की सबसे ऊँची शाखा पर पहुँच गया फिर उसने उतरना शुरू किया और जब वो लग भग आधा उतर आया तो बाबा बोले साव धान ज़रा संभल कर। …
आराम से उतरो क़ोइ जल्दबाजी नहीं….
युवक सावधानी पूर्वक नीचे उतर आया

2432435

इसी तरह बाकी के युवक भी पेड़ पर चढ़े और उतरे और हर बार बाबा ने आधा उतर आने के बाद ही उन्हें सावधान रहने को कहा यह बात युवकों को कुछ अजीब लगी और उन्ही में से एक ने पुछा बाबा हमें आपकी एक बात समझ में नहीं आई पेड़ का सबसे कठिन हिस्सा तो एकदम ऊपर वाला था जहाँ पे चढ़ना और उतरना दोनों ही बहुत कठिन था आपने तब हमें सावधान होने के लिए नहीं कहा पर जब हम पेड़ का आधा हिस्सा उतर आये और बाकी हिस्सा उतरना बिलकुल आसान था तभी आपने हमें सावधान होने के निर्देश क्यों दिए बाबा गंभीर होते हुए बोले बेटे !
यह तो हम सब जानते हैं कि ऊपर का हिस्सा सबसे कठिन होता है इसलिए वहां पर हम सब खुद ही सतर्क हो जाते हैं और पूरी सावधानी बरतते हैं. लेकिन जब हम अपने लक्ष्य के समीप पहुँचने लगते हैं तो वह हमें बहुत ही सरल लगने लगता है….

 
हम जोश में होते हैं और अति आत्मविश्वास से भर जाते। हैं। और इसी समय सबसे अधिक गलती होने की सम्भावना होती है यही कारण है कि मैंने तुम लोगों को आधा पेड़ उतर आने के बाद सावधान किया ताकि तुम अपनी मंजिल के निकट आकर कोई गलती न कर बैठो युवक बाबा की बात समझ गए,आज उन्हें एक बहुत बड़ी सीख मिल चुकी थी

मित्रों, सफल होने के लिए लक्ष्य निर्धारित करना बहुत ही जरूरी है, और ये भी बहुत ज़रूरी है कि जब हम अपने लक्ष्य को हासिल करने के करीब पहुँच जाएँ मंजिल को सामने पायें तो कोई जल्दबाजी न करें और पूरे धैर्य के साथ अपना कदम आगे बढ़ाएं बहुत से लोग लक्ष्य के निकट पहुंच कर अपना धैर्य खो देते हैं और गलतियां कर बैठते हैं जिस कारण वे अपने लक्ष्य से चूक जाते हैं….
इसलिए लक्ष्य के आखिरी पड़ाव पर पहुँच कर भी किसी तरह की असावधानी मत बरतिए और लक्ष्य प्राप्त कर के ही दम लीजिये।।
Load More Related Articles
Load More By amitgupta
Load More In Aakhir Kyon?

Leave a Reply

Check Also

What is Account Master & How to Create Modify and Delete

What is Account Master & How to Create Modify and Delete Administration > Masters &…