Home Aakhir Kyon? पूजा पाठ में अनेक स्थान पर ऐसे आदेश निर्देश मिलते हैं कि यहवस्तु इस देवता पर चढ़ायें तथा इस देवता पर न चढ़ायें| ऐसा क्यों? जबकि सारी वस्तुएं परमात्मा द्वारा ही प्रदान की गई हैं – In many places in the Puja text, such orders are found that this object should be offered on this deity and not on this deity. Why so? Whereas all things have been provided by God.

पूजा पाठ में अनेक स्थान पर ऐसे आदेश निर्देश मिलते हैं कि यहवस्तु इस देवता पर चढ़ायें तथा इस देवता पर न चढ़ायें| ऐसा क्यों? जबकि सारी वस्तुएं परमात्मा द्वारा ही प्रदान की गई हैं – In many places in the Puja text, such orders are found that this object should be offered on this deity and not on this deity. Why so? Whereas all things have been provided by God.

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पूजा पाठ में अनेक स्थान पर ऐसे आदेश निर्देश मिलते हैं कि यह वस्तु इस देवता पर चढ़ायें तथा इस देवता पर न चढ़ायें ऐसा क्यों? जबकि सारी वस्तुएं परमात्मा द्वारा ही प्रदान की गई हैं।

षोडपोपचार पूजन आदि में ऐसा विधान है। विष्णु जी को अक्षत (चावल) नहीं चढ़ाये जाते। तुलसी पत्र ही चढ़ाया जाता है. क्योंकि तुलसी विष्णु जी की पत्नी है अतः उनका सानिध्य प्राप्त करने हेतु तुलसी पत्र चढ़ाया जाता है।

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In many places in the Puja text, such orders are found
that this object should be offered on this deity and not on this deity. 
Why so?  Whereas all things have been provided by God.

शिवजी पर कमल पुष्प नहीं अपितु बिल्व पत्र (बेल पत्र) चढ़ता है। आयु वृद्धि. आरोग्यता के लिए- ॐ त्र्यंवकं यजामहे आदि मंत्र से त्रिनेत्रधारी भगवान शिवजी की उपासना की जाती है और तीन पत्तों वाला बिल्वपत्र चढ़ाया जाता है।
इसी तरह दुर्गा जी को कनेर का पुष्प, सूर्यदेव को जवाकुसुम और. गणेश पर दूब चढ़ानी चाहिए।
कमल पुष्प भगवान शिवजी द्वारा शापित है इसलिए कमल पुष्प और उसके परागों के मिश्रण से बना कुंकुम शिवलिंग पर नहीं चढ़ाया जाता।
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